त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाएं किसे कहते हैं ये कितने प्रकार की होती हैं

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त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाएं किसे कहते हैं

चरों के त्रिकोणमितीय फलनों के रूप में व्यक्त समतायें होती हैं।

त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाएं कितने प्रकार की होती हैं

त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाएं तीन प्रकार की होती हैं।

  • sin² A + cos² A = 1
  • 1 + tan² A = sec² A
  • 1 + cot² A = cosec² A

नीचे हम इन सर्वसमिकाओ को हल करेंगे।

1. sin² A + cos² A = 1

माना कि,
ABC एक समकोण त्रिभुज हैं, जिसमें त्रिभुज CAB = A,
तब पाइथागोरस प्रमेय से,
(लम्ब²) + (आधार²) = (कर्ण²)
(BC)² + (AB)² = (AC)² ……………….(1)
समीकरण (1) के दोनों पक्षों में (AC)² से भाग देने पर,
(BC)² / (AC)² + (AB)² / (AC)² = (AC)² / (AC)²
(BC/AC)² + (AB/AC)² = (AC/AC)²
(Sin A = BC/AC), (Cos A = AB/AC)
sin²A + cos²A = 1 Prooved.

2. 1 + tan² A = sec² A

माना कि,
ABC एक समकोण त्रिभुज हैं, जिसमें त्रिभुज CAB = A,
तब पाइथागोरस प्रमेय से,
(लम्ब²) + (आधार²) = (कर्ण²)
(BC)² + (AB)² = (AC)² ……………….(1)
समीकरण (1) के दोनों पक्षों में (AB)² से भाग देने पर,
(BC)² / (AB)² + (AB)² / (AB)² = (AC)² / (AB)²
(BC/AB)² + (AB/AB)² = (AC/AB)²
1 + (tan²)A = (sec²)A Prooved.

3. 1 + (cot²) = (cosec²)A

माना कि,
कि ABC एक समकोण त्रिभुज हैं, जिसमें त्रिभुज CAB = A
तब पाइथागोरस प्रमेय से,
(लम्ब²) + (आधार²) = (कर्ण²)
(BC)² + (AB)² = (AC)² ……………….(1)
समीकरण (1) के दोनों पक्षों में (BC)² से भाग देने पर,
(BC)² / (BC)² + (AB)² / (BC)² = (AC)² / (BC)²
(BC/BC)² + (AB/BC)² = (AC/BC)²
cot² A + 1 = cosec² A
1 + (cot²) = (cosec²) A Prooved.

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