प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन किसे कहते हैं

इस पेज पर आप प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन की समस्त जानकारी पढ़ने वाले हैं तो पोस्ट को पूरा जरूर पढ़िए।

पिछले पेज पर हमने अवकलन और समाकलन की जानकारी शेयर की हैं तो उन पोस्टों को भी पढ़िए।

चलिए आज हम प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन की समस्त जानकारी को पढ़ते और समझते हैं।

प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन किसे कहते हैं

गणित में त्रिकोणमितीय फलनों के प्रतिलोम फलनों को प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन कहते हैं। इनके डोमेन समुचित रूप से सीमित करके पारिभाषित किये गये हैं। इन्हें sin⁻¹ cos⁻¹ tan⁻¹ आदि के रूप में निरूपित करते हैं और ‘साइन इन्वर्स’, ‘कॉस इन्वर्स’, टेन इन्वर्स आदि बोलते हैं।

निम्नलिखित के मुख्य मानों को ज्ञात कीजिए?

प्रश्न 1. sin⁻¹ (-½)

हल:- माना,
y = in⁻¹ (−½)
sin y = -½
sin y = sin (π//6) [∵ sin (-π//6) = -½]
[-π//2, -π//2] तथा (-π//6) = -½
अतः sin⁻¹ (-½) का मुख्य मान (-π//6) हैं।

प्रश्न 2. cos⁻¹ (√3/2)

हल:- माना,
y = cos⁻¹ √3/2
⇒ cos y = 3√2
⇒ cos y = cos π/6
∵ cos⁻¹ की मुख्य शाखा का परिसर [0, π] होता है तथा cos π/6 = √3/2
∴ cos √3/2 का मुख्य मान π/6 है।

प्रश्न 3. cosec⁻¹ (2)

हल:- माना,
y = cosec⁻¹ (2)
⇒ cosec y = 2
cosec y = cosec π/6
⇒ cosec⁻¹ (cosec y) = π/6
y =π/6
अतः cosec⁻¹ (2) का मुख्य मान = π/6

प्रश्न 4. tan⁻¹ (-√3)

हल:- माना,
y = tan⁻¹ (-√3)
⇒ tan y = (-√3)
tan y = tan(−π/3)
∵ tan⁻¹ की मुख्य शाखा का परिसर [−π/2,π/2] और tan (−π/3) = –√3 अत: tan⁻¹ (√3) का मुख्य मान = −π/3 है।

प्रश्न 5. cos⁻¹ (-½)

हल:- माना,
y = cos⁻¹ (-½)
cos y = -½
-cos π/3 = cos (π – π/3)
-cos π/3 = cos 2π/3
फलन cos⁻¹ x का मुख्य मान शाखा का परिसर = (0, π) है। अतः cos⁻¹ (-½) = 2π/3 है।

प्रश्न 6. tan⁻¹ (-1)

हल:- माना,
y = tan⁻¹ (-1)
⇒ tan y = -1
tany = tan(−π/4)
अत: tan⁻¹ (-1) का मुख्य मान = −π/4 है।

प्रश्न 7. sec⁻¹ (2/√3)

हल:- माना,
y = sec⁻¹ (2/√3)
sec y = 2/√3
sec y = sec π/6
अत: sec⁻¹ (2/√3) का मुख्य मान π/6 है।

प्रश्न 8. cot⁻¹ (√3)

हल:- माना,
y = cot⁻¹ (√3)
= cot y = (√3)
= cot π/6
फलन cot⁻¹ x का मुख्य मान शाखा का परिसर = (0, π) है। अतः cot⁻¹ (√3) = π/6 है।

प्रश्न 9. cos⁻¹ (-1/√2)

हल:- माना
y = cos⁻¹ (-1/√2)
cos y = -1/√2
= – cos π/4 = cos (π − π/4)
∴ cos y = cos 3π/4
फलन cos⁻¹ x का मुख्य मान शाखा का परिसर = (0, π) है। अतः cos⁻¹ (-1/√2) = 3π/4 है।

प्रश्न 10. cosec⁻¹ (-√2)

हल:- माना,
y = cosec⁻¹ (-√2)
⇒ cosec y = –√2
= -cosee π/4 = cosee (−π/4)
फलन cosec⁻¹ x का मुख्य मान शाखा का परिसर = [−π/2, π/2] – [0] अतः cosec⁻¹(-√2) = -π/4 है।

प्रश्न 11. tan⁻¹ (1) + cos⁻¹ (−½) + sin⁻¹ (−½) निम्नलिखित के मान ज्ञात कीजिए?

हल:- tan⁻¹ (1) + cos⁻¹ (−½) + sin⁻¹ (−½)
tan⁻¹ (tan π/4) + cos⁻¹ (cos 2π/3) + sin⁻¹ sin (−π/6)
= π/4 + 2π/3 + (-π/6)
= π/4 + 2π/3 – π/6
= (3π + 8π – 2π)/12
= (11π – 2π)/12
= 9π/12
= 3π/4
Ans. 3π/4

प्रश्न 12. cos⁻¹ (½) + 2sin⁻¹ (½)

हल:- cos⁻¹ (½) + 2sin⁻¹ (½)
= cos⁻¹ (cos π/3) + 2sin⁻¹ (sin π/6)
= π/3 + 2 × π/6
= π/3 + π/3
= 2π/3
Ans. 2π/3

प्रश्न 13. यदि sin⁻¹ x = y तो

(A). 0 ≤ y ≤ π
(B). −π/2 ≤ y ≤ π/2
(C). 0 < y < π
(D). −π/2 < y < π/2

हल:- फलन y = sin⁻¹ x का मुख्य मान शाखा का परिसर = [−π/2, π/2] अतः −π/2 ≤ y ≤ π/2 है।
अतः विकल्प (B) सही है।

प्रश्न 14. tan⁻¹ √3 sec⁻¹ (-2) का मान बराबर है?
(A). π
(B). −π/3
(C). π/3
(D). 2π/3

हल:- माना
y = tan⁻¹ √3 sec⁻¹ (-2)
= π/3 – (π – π/3)
= π/3 – 2π/3
= -π/3
अतः विकल्प (B) सही है।

जरूर पढ़िए :

उम्मीद हैं आपको प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन की जानकारी पसंद आयी होंगी।

यदि आपको यह पोस्ट पसंद आयी हो तो दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें धन्यवाद।

Leave a Comment